हर मौसम में यात्रा की अलग-अलग अनुभूति — सही समय चुनें और माता का आशीर्वाद लें
यह यात्रा का सर्वोत्तम समय है। मार्च से जून के बीच मौसम सुहाना रहता है — न बहुत ठंड, न बहुत गर्मी। आसमान साफ रहता है और पहाड़ों पर हरियाली छाई होती है।
नवरात्र वर्ष में दो बार आते हैं — अप्रैल (चैत्र नवरात्र) और अक्टूबर (शारदीय नवरात्र)। इस दौरान प्रतिदिन 50,000 से अधिक भक्त पहुंचते हैं। माहौल अत्यंत भक्तिमय होता है।
मानसून में यात्रा की जा सकती है लेकिन सावधानी ज़रूरी है। भारी बारिश के कारण रास्ते फिसलन भरे होते हैं और कभी-कभी भूस्खलन भी होता है।
सर्दियों में यात्रा एक अलग ही अनुभव है। पहाड़ बर्फ से ढके होते हैं और वातावरण अत्यंत सुंदर दिखता है। भीड़ कम होती है।
अक्टूबर के शारदीय नवरात्र में जाएं। करोड़ों दीपों की रोशनी, लाखों भक्तों की आस्था और माता की असीम कृपा — अविस्मरणीय अनुभव।
मार्च-अप्रैल या सितंबर-नवंबर के बीच जाएं। भीड़ कम, मौसम खुशनुमा और दर्शन जल्दी। परिवार के साथ शांतिपूर्ण यात्रा।