यात्रा में पैदल न चल सकें तो घोड़ा और पालकी का सहारा लें — पूरी जानकारी यहाँ है
पहाड़ी घोड़े (पोनी) वैष्णो देवी यात्रा का एक पारंपरिक और लोकप्रिय साधन हैं। बुजुर्गों, कमजोर और छोटे बच्चों के लिए यह सबसे उपयुक्त है। एक पोनी पर एक ही यात्री बैठ सकता है।
पालकी एक पारंपरिक भारतीय सीट है जिसे चार कहार (वाहक) उठाकर ले जाते हैं। यह अत्यंत बुजुर्ग, दिव्यांग और जो बिल्कुल भी नहीं चल सकते उनके लिए है। पालकी सेवा पुराने और नए दोनों मार्गों पर उपलब्ध है।
| सेवा | रूट | अनुमानित किराया | समय |
|---|---|---|---|
| 🐴 पोनी | कटरा → भवन (एक तरफ) | ₹1,200 – ₹2,000 | 4-6 hrs |
| 🐴 पोनी | भवन → कटरा (वापसी) | ₹1,000 – ₹1,800 | 3-5 hrs |
| 🐴 पोनी | कटरा → अर्धकुंवारी | ₹800 – ₹1,200 | 2-3 hrs |
| 🪑 पालकी | कटरा → भवन (एक तरफ) | ₹4,000 – ₹6,500 | 5-7 hrs |
| 🪑 पालकी | कटरा → अर्धकुंवारी | ₹2,500 – ₹4,000 | 3-4 hrs |
| 🪑 पिट्ठू (छोटे बच्चे) | कटरा → भवन | ₹1,500 – ₹2,500 | 4-5 hrs |
पोनी और पालकी की बुकिंग ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से होती है:
चाहे पैदल जाएं, पोनी पर, पालकी में या हेलिकॉप्टर से — माता रानी का आशीर्वाद हर तरह से मिलता है। मेहनत से जाने वाले भी धन्य हैं और सुविधा से जाने वाले भी।